पुलिस से झड़प का VIDEO गलत दावे के साथ वायरल: यूजर्स ने लिखा- गौ-तस्करों की गिरफ्तारी पर मुस्लिमों ने थाना घेरा

मध्यप्रदेश के दमोह शहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में धर्म विशेष के लोगों को थाने का घेराव और नारेबाजी करते देखा जा सकता है।

  • दावा किया जा रहा है कि गौ तस्करी के संबंध में कुछ लोगों पर कार्रवाई किए जाने से नाराज धर्म विशेष के लोगों ने थाने का घेराव और हंगामा किया।

वायरल दावे से जुड़े ट्वीट्स हमें कई वेरिफाइड और नॉन वेरिफाइड एक्स अकाउंट पर मिले। यति शर्मा नाम के एक्स अकाउंट से किए गए ट्वीट में लिखा था- हजारों लोगों की भीड़ ने मध्य प्रदेश के दमोह में पुलिस थाने मे जमकर हंगामा किया कारण बताया जा रहा है पुलिस के द्वारा गौ तस्करी के संबंध में कुछ लोगों पर कार्रवाई से नाराज थी भीड़। (अर्काइव ट्वीट)

  • एक्स पर यति शर्मा को भाजपा नेता सुनील यादव समेत 82 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।

ऐसा ही दावा ‘वी द पीपल’ नामक एक्स यूजर ने भी किया था। इस एक्स हैंडल द्वारा किए ट्वीट में लिखा था – मध्य प्रदेश, दमोह में पुलिस ने कुछ गोमांस तस्करों को गिरफ्तार किया और स्लॉटर हाउस को ध्वस्त कर दिया इसलिए 2000 से अधिक कट्टरपंथी समर्थक दमोह पुलिस स्टेशन पर आए और हाथ काटने की धमकी देते हुए वरिष्ठ पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट की। (अर्काइव ट्वीट)

वेरिफाइड एक्स यूजर दीपक शर्मा ने भी अपने ट्वीट में लिखा कि दमोह में पुलिस थाने के बाहर जुटी भीड़ वास्तव में गोमांस तस्करों व अवैध गोहत्याघरों पर कार्रवाई और करोड़ों के गोमांस उद्योग को नष्ट करने का बदला लेने के लिए जुटाई गई थी! (अर्काइव ट्वीट) दीपक शर्मा को एक्स पर 40 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।

ठीक यही दावा खुद को राष्ट्रीय हिन्दू महासभा का महासचिव बताने वाले विवेक पांडे ने भी किया है। (अर्काइव ट्वीट)

वायरल दावे का सच…

दमोह में हुई इस घटना से जुड़ी विस्तृत खबर दैनिक भास्कर ऐप पर भी प्रकाशित की गई थी। खबर की हेडलाइन थी- दमोह में थाने पर हंगामे की होगी मजिस्ट्रियल जांच:CM डॉ. मोहन यादव ने दिए आदेश; 40 लोगों पर FIR, 3 गिरफ्तार (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)

भास्कर की वेबसाइट पर पब्लिश हुई खबर का स्क्रीनशॉट।

खबर में बताया गया था – “शनिवार, 3 फरवरी की रात 10 बजे जेल मस्जिद परिसर में टेलरिंग शॉप के संचालक के साथ कुछ युवाओं का विवाद हो गया था। बीच बचाव करने मस्जिद के पेश इमाम पहुंचे थे। आरोप है कि युवाओं ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की की थी। इसी के विरोध में सैकड़ों की संख्या में लोग कोतवाली थाने पहुंच थे। जहां उन्होंने जमकर हंगामा किया था।”

वहीं, 3 फरवरी की रात दमोह के कोतवाली थाने का घेराव कर हंगामा करने के आरोप में रविवार 4 फरवरी को 40 लोगों के खिलाफ सांप्रदायिक उन्माद फैलाने का केस दर्ज किया गया। सोमवार 5 फरवरी को 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

स्पष्ट है कि यह घटना टेलर और कुछ युवकों के बीच हुए विवाद और बीच बचाव करने आए मस्जिद इमाम के साथ हुई धक्कामुक्की से जुड़ी है। घटना के पीछे गौतस्करी का एंगल जुड़ा होने का दावा पूरी तरह से गलत और भ्रामक है।

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